An Unbiased View of Sad Shayari in Hindi

परवाह नहीं चाहे ज़माना कितना भी खिलाफ हो,जैसे मुझसा बुरा दुनिया में कोई और नहीं।काश वो मेरा कुछ न होता पर मुक़द्दर होता।पर सुना है खुदा

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